विवरण: हल्दी अदरक जैसे पौधे का प्रकंद या भूमिगत तना होता है। इसे आमतौर पर चमकीले पीले, महीन पाउडर के रूप में पीसा जाता है। पूरी हल्दी एक कंदयुक्त प्रकंद होती है, जिसकी त्वचा खुरदरी, खंडित होती है। प्रकंद पीले-भूरे रंग का होता है, जिसका आंतरिक भाग सुस्त होता है जो पाउडर बनाने पर चमकीले पीले रंग का दिखता है। हल्दी उष्ण कटिबंध और उप-उष्ण कटिबंध में पनपती है जहाँ इसके लिए गर्म, नम जलवायु और काफी हल्की मिट्टी की आवश्यकता होती है। इसे प्रकंद के विभाजन के माध्यम से प्रचारित किया जाता है। भारत दुनिया में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक है और दुनिया के उत्पादन में इसका लगभग 90% हिस्सा है। आंध्र प्रदेश कुल भारतीय उत्पादों का 45% उत्पादन करता है, जबकि तमिलनाडु का 22%, उड़ीसा का 12% और कर्नाटक का 6% योगदान है। 2006-2007 में निर्यात की मात्रा 51,500 मीट्रिक टन थी। कटाई का मौसम: दिसंबर से मार्च मार्केटिंग सीज़न: फरवरी से मई उपयोग: प्राचीन काल से, हल्दी का उपयोग डाई और मसाले के रूप में किया जाता रहा है। इसका उपयोग शराब, दवाएं, सौंदर्य प्रसाधन और टॉयलेटरीज़ बनाने में भी किया जाता है। इसका उपयोग प्राकृतिक रंग के रूप में किया जाता है। हल्दी हल्की पाचक, खुशबूदार, उत्तेजक और वायुनाशक होती है। इसका उपयोग एंटीसेप्टिक के रूप में किया जाता है। इसका उपयोग रक्त को शुद्ध करने के लिए किया जाता है। यह त्वचा को पानी की एलर्जी से बचाने में भी मदद करता है। हल्दी का उपयोग आयुर्वेदिक चिकित्सा में किया जाता है।