ब्रोकली की हमारी रेंज पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत मानी जाती है क्योंकि यह विटामिन सी, कैरोटीनॉयड (विटामिन ए जैसे पदार्थ), फाइबर, कैल्शियम और फोलेट से भरपूर होती है। ब्रोकली कई पदार्थों का भी स्रोत है जिन्हें फाइटोकेमिकल्स या पादप रसायन कहा जाता है, जिनमें एंटीकैंसर गुण हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, ब्रोकली में आइसोथियोसाइनेट्स नामक कई यौगिक होते हैं, जिनमें सल्फोराफेन और इंडोल-3-कार्बिनॉल (I3C) शामिल हैं, जिन्हें हाल के वर्षों में संभावित कैंसर रोधी एजेंट के रूप में देखा गया है। शुरुआती अध्ययनों से पता चला है कि ये पदार्थ एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में कार्य कर सकते हैं और शरीर में डिटॉक्सिफाइंग एंजाइम को बढ़ावा दे सकते हैं। कुछ अध्ययनों ने यह भी सुझाव दिया है कि वे शरीर में एस्ट्रोजेन के स्तर को बदल सकते हैं, जिससे स्तन कैंसर का खतरा प्रभावित हो सकता है। ब्रोकली को कच्चा खाया जा सकता है या कई तरह से पकाया जा सकता है। इसे ज्यादातर किराने और जैविक खाद्य भंडारों में ताजा या जमे हुए खरीदा जा सकता है। कच्चा खाने पर ब्रोकली सबसे अधिक पोषक तत्वों को बरकरार रखती है। खाना पकाने से ब्रोकली के कुछ फायदे कम हो जाते हैं क्योंकि गर्म करने की प्रक्रिया कुछ कैंसर-रोधी यौगिकों को नष्ट करने लगती है।